मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 5 • श्लोक 119
कौशेयाविकयोरूषैः कुतपानामरिष्टकैः । श्रीफलैरंशुपट्टानां क्षौमाणां गौरसर्षपैः ।।
रेशमी और ऊनी वस्त्रों की खारी मिट्टी से, नेपाली कम्बलों की रीठे से, पट्टवस्त्रों की बेल के फलों से और क्षीम (अलसी आदि के छाल से बने) वस्त्रों की शुद्धि पिसे हुए सफेद सरसों के कल्क से होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें