न संवसेच्च पतितैर्न चाण्डालैर्न पुल्कसैः ।
न मूर्खैर्नावलिप्तैश्च नान्त्यैर्नान्त्यावसायिभिः ॥
वह न तो बहिष्कृतों की संगति करेगा, न चाण्डालों की, न पुलकस की; न ही अनपढ़ के साथ; न ही अभिमानियों के साथ; न अंत्यस के साथ; न ही अंत्यवसायियों के साथ।
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