मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 4 • श्लोक 7
कुसूलधान्यको वा स्यात् कुम्भीधान्यक एव वा । त्र्यहेहिको वाऽपि भवेदश्वस्तनिक एव वा ॥
वह या तो अनाज से भरे भण्डार का स्वामी होगा, या अनाज से भरे घड़े का स्वामी होगा; वह ऐसा व्यक्ति हो सकता है जिसके पास वह चीज़ हो जो तीन दिन के लिए चाहिए, या वह व्यक्ति जिसके पास कल के लिए पर्याप्त नहीं हो।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें