न वारयेद् गां धयन्तीं न चाचक्षीत कस्य चित् ।
न दिवीन्द्रायुधं दृष्ट्वा कस्य चिद् दर्शयेद् बुधः ॥
वह किसी बछिया को दूध पीते समय न रोकेगा, न उसके बारे में किसी को बताएगा। बुद्धिमान मनुष्य आकाश में इन्द्रधनुष देखकर उसे किसी को न दिखाए।
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