दृढकर्ता (विघ्नादि के आने पर भी प्रारम्भ किये गये कार्य को पूरा करने वाला) निष्ठुरता से रहित, सुखदुःखादि इन्द्रो को सहने वाला, क्रूर आचरण वालों का साथ नहीं करता हुआ, अहिंसक जैसा व्रत (नियम, यम इन्द्रिय संयम तथा दानादि) करने वाला स्वर्ग को जीत लेता (प्राप्त करता) है।
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