(अपने से) बड़ों-बड़ों के साथ सम्बन्ध करता हुआ (अपने से) नीचों-नीचों का त्याग करता हुआ ब्राह्मण श्रेष्ठता को पाता है तथा इसके विरुद्ध आचरण करता हुआ शूद्रता को पाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।