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मनुस्मृति • अध्याय 4 • श्लोक 244
उत्तमैरुत्तमैर्नित्यं सम्बन्धानाचरेत्सह । निनीषुः कुलमुत्कर्षमघमानधमांस्त्यजेत्‌ ।।
वंश को उन्नत करने की इच्छा वाला सर्वदा (अपने से) बड़ों-बड़ों के साथ सम्बन्ध करे और (अपने से) नीचों-नीचों के साथ छोड़ दे (उनसे सम्बन्ध न करे)।
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