मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 4 • श्लोक 131
मध्यंदिनेऽर्धरात्रे च श्राद्धं भुक्त्वा च सामिषम्‌ । सन्ध्ययोरुभयोश्चैव न सेवेत चतुष्पथम्‌ ।।
दोपहर में, आधी रात में, मांस सहित श्राद्धान्न भोजनकर और दोनों (प्रात: तथा सायंकाल की) सन्ध्यां में चौराहे पर न जावे (बहुत समय तक न ठहरे)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें