सामध्वनावृग्यजुषी नाधीयीत कदाचन । वेदस्याधीत्य बा$ प्यन्तमारण्यकमधीत्य च ।।
सामवेद की ध्वनि सुनाई पड़ते रहने पर ऋग्वेद तथा यजुर्वेद का अध्ययन कदापि न करे और वेद को समाप्त या आरण्यक (वेद का एक अंश विशेष) को पढ़कर (उस दिन-रात में दूसरे वेद का अध्ययन न करे)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।