'मरुतों की वंदना' कहकर कुछ अन्न द्वार के पास बिखेर देना चाहिए और कुछ जल में, 'जलों की वंदना' कहकर। वह कुछ मूसल और ओखली पर यह कहकर फेंके, कि 'वृक्षों को प्रणाम'।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।