उभयोर्हस्तयोर्मुक्तं यदन्नमुपनीयते ।
तद् विप्रलुम्पन्त्यसुराः सहसा दुष्टचेतसः ॥
दोनों हाथों से त्यागे हुए अन्न को दुष्टबुद्धि दैत्य बलपूर्वक नष्ट कर देते हैं।
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