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मनुस्मृति • अध्याय 3 • श्लोक 200
य एते तु गणा मुख्याः पितॄणां परिकीर्तिताः । तेषामपीह विज्ञेयं पुत्रपौत्रमनन्तकम् ॥
पितरों के जो प्रमुख शरीर बताए गए हैं, उनमें से जान लो कि इस संसार में अनंत पुत्र-पौत्र हैं।
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