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मनुस्मृति • अध्याय 3 • श्लोक 17
शूद्रां शयनमारोप्य ब्राह्मणो यात्यधोगतिम् । जनयित्वा सुतं तस्यां ब्राह्मण्यादेव हीयते ॥
एक शूद्र स्त्री को उसके बिस्तर पर बिठाकर, ब्राह्मण विनाश को जाता है; और उसके द्वारा एक पुत्र को जन्म देने के बाद, वह ब्राह्मणत्व से ही गिर जाता है।
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