अकारं चाप्युकारं च मकारं च प्रजापतिः ।
वेदत्रयान्निरदुहद् भूर्भुवः स्वरितीति च ॥
तीनों वेदों में से प्रजापति ने अक्षर 'अ', अक्षर 'उ' और 'म' अक्षर को दुहा; साथ ही शब्दांश 'भू-भुव:-स्व:'।
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