श्रसूकरखरोष्ट्राणां गोजाविमृगपक्षिणाम् ।
चण्डालपुक्कसानां च ब्रह्महा योनिमृच्छति ।।
ब्रह्मघाती मनुष्य कुत्ता, सूअर, गधा, ऊंट, गौ, बगरी, भेड़, मृग, पक्षी, चण्डाल (१०।१६) तथा पुक्कस (१०।१८) की योनि को प्राप्त करता है।
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