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मनुस्मृति • अध्याय 12 • श्लोक 34
त्रयाणामपि चैतेषां गुणानां त्रिषु तिष्ठताम्‌ । इदं सामासिक ज्ञेयं क्रमशो गुणलक्षणम्‌ ।।
तीनो (भूत, भविष्यत्‌ तथा वर्तमान) काल में रहने वाले इन तीनों गुणों (१२।२४) के गुण-लक्षण को क्रमशः संक्षेप में यह (१२।३५-३८) जानना चाहिए।
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