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मनुस्मृति • अध्याय 12 • श्लोक 33
लोभः स्वप्नोऽ धृतिः क्रौर्यं नास्तिक्यं भिन्नवृत्तिता । याचिष्णुता प्रमादश्च तामसं गुणलक्षणम्‌ ।।
लोभ, निद्रा, अधैर्य, क्रूरता, नास्तिकता, नित्य कर्म का त्याग, माँगने का स्वभाव होना और प्रमाद-ये “तामसिक” गुण के लक्षण हैं।
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