(फलतप्राप्त्यर्थ आरम्भ किये गये काम में रुचि होना, धैर्य का अभाव, शास्त्रवर्जित कर्म का आचरण तथा सर्वदा (रूप, रस, शब्द आदि) विषयों में आसक्ति ये राजसिक गुण' के लक्षण हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।