(वस्तु का यथार्थ) ज्ञान सत्त्वगुण, प्रतिकूल ज्ञान तमोगुण और राग-द्रेष (रूप मानसिक कार्य) रजोगुण कहलाता है। सब प्राणियों का आश्रित शरीर इन गुणों का आश्रित है।
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