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मनुस्मृति • अध्याय 12 • श्लोक 115
यं बदन्ति तमोभूता मूर्खा धर्ममतद्विदः । तत्पापं शतधा भूत्वा- तद्दक्तूननुगच्छति ।।
अधिक तमोगुण वाले मूर्ख वेदोक्त धर्मज्ञान से शून्य (ब्राह्मण नामधारी व्यक्ति) जिस पुरुष को प्रायश्चित्त आदि धर्म का उपदेश देते हैं, उस पुरुष का वह पाप सौगुना होकर उन धर्मोपदेशकों को लगता है।
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