तीनों वेद की तीनों शाखाओं, श्रुति-स्मृति के अविरुद्ध न्यायशास्त्र, मीमांसाशास्त्र, निरुक्त और मनु आदि महर्षियो द्वारा प्रणीत धर्मशास्त्रो को पढे हुए, प्रथम तीन (ब्रह्मचर्य, गृहस्थ तथा वानप्रस्थ) आश्रम में रहनेवाले दश ब्राह्मणों की परिषद् (सभाकमेटी, धर्म निर्णय करने में समर्थ) होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।