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मनुस्मृति • अध्याय 11 • श्लोक 90
गोमूत्रमग्रिवर्ण वा पिबेदुदकमेव वा । पयो घृतं वाऽऽमरणाद्रोशकृद्रसमेव वा ।।
अथवा (सन्तप्त होने से) अग्नि के समान वर्ण वाले गोमूत्र, पानी, दूध, घी या गोबर के रस को मरने तक पीवे।
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