अथवा (नीवार तीनी आदि) हविष्यान्न को खाता हुआ प्रसिद्ध सोते से लेकर (पश्चिम) समुद्र तक (जहाँ तक सरस्वती नदी बहती है वहाँ तक) जावे, अथवा नियमित (अत्यन्त थोड़ा) भोजन करता हुआ वेद की संहिता को तीन बार जपे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।