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मनुस्मृति • अध्याय 11 • श्लोक 67
खराश्चोष्टरमृगेभानामजाविकवधस्तथा । सङ्करीकरणं ज्ञेयं मीनाहिमहिषस्य च ।।
गधा, कुत्ता, मृग (हिरण) हाथी, अज (खसी), भेंड, मछली, साँप और भैसा इनमें से प्रत्येक को मारना भी मनुष्य को वर्णसङ्कर करनेवाला है।
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