धान्य, सुवर्ण आदि धातु तथा पशुओं की चोरी करना, मद्यपान करनेवाली द्विज-स्त्री के साथ सम्भोग करना, स्त्री, शूद्र, वैश्य तथा क्षत्रिय का वध करना और नास्तिकता - ये (१-१ भी) उपपातक हैं।
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