मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 11 • श्लोक 62
सर्वाकरेष्वधीकारोः महायन्त्रप्रवर्तनम्‌ । हिंसौषधीनां स्त्र्याजीवोऽभिचारो मूलकर्म च ।।
सब आकरों (खान-सुवर्ण आदि की खानों) में राजाज्ञा से अधिकार होना (ठेका लेना), बड़े-बड़े यन्त्रो (नदी आदि के प्रवाह को रोकने वाली मशीनों आदि) को चलाना, औषधियों की हिंसा, स्त्री की कमाई (नृत्य, गायन आदि निषिद्ध कर्मों से स्त्री का उपार्जित धन) खाना, (श्येनादि यज्ञ के द्वारा मारण आदि) अभिचार कर्म करना, (मन्त्र प्रयोग से) वशीकरण।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें