अनिच्छापूर्वक किया गया पाप वेदाभ्यास से नष्ट हो जाता है तथा रागद्वेषादि मोहवश इच्छापूर्वक किया गया पाप अनेक प्रकार के प्रायश्चित्तो से नष्ट होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।