शास्त्रोक्त कर्मो को करने वाला, पुत्र, शिष्यादि का शासन करने वाला, प्रायश्चित्त विधि आदि को कहने वाला ब्राह्मण सबका मित्ररूप है, अतएव उससे (“इसको पकड़ों, दण्डित करो” इत्यादि) अशुभवचन तथा रूखी बात नहीं कहनी चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।