गोमूत्र, गोबर, दूध, दही, घी और कुशा का जल, इनमें से प्रत्येक को १-१ दिन भोजन करे, इस प्रकार ६ दिन उन्हें भोजन कर सातवें दिन उपवास करे यह 'कृच्छर सान्तपन” व्रत कहा गया है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।