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मनुस्मृति • अध्याय 11 • श्लोक 211
गोमूत्रं गोमयं क्षीरं दधि सर्पिः कुशोदकम्‌ । एकरात्रोपवासश्च कृच्छं सन्तपनं स्मृतम्‌ ।।
गोमूत्र, गोबर, दूध, दही, घी और कुशा का जल, इनमें से प्रत्येक को १-१ दिन भोजन करे, इस प्रकार ६ दिन उन्हें भोजन कर सातवें दिन उपवास करे यह 'कृच्छर सान्तपन” व्रत कहा गया है।
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