हुङ्कारं ब्राह्मणस्योक्त्वा त्वङ्कारं च गरीयसः ।
स्नात्वाऽनश्नन्नहः शेषमभिवाद्य प्रसादयेत् ।।
"ब्राह्मण से हूँ” (थोड़ा क्रुद्ध होकर “चुप रहो”) ऐसा करने पर और विद्या एवं आयु में बड़े लोगों को “तू' कहने पर स्नान करके शेष दिन उपवास कर उन्हें प्रणाम कर प्रसन्न करना चाहिए।
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