श्रसृगालखरैर्दष्टो ग्राम्यैः क्रव्याद्धिरेव च ।
नराश्रोष्ट्वराहैश्च॒ प्राणायामेव शुध्यति ।।
कुत्ता, सियार, गधा, कच्चा मांस खाने वाले ग्राम्य पशु (बिल्ली आदि), मनुष्य, घोड़ा, ऊट और सूअर - इनके काटने पर (द्विज) प्राणयाम करने से शुद्ध होता है।
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