अत्यन्त दूषित (स्वेच्छापूर्वक यत्र-तत्र व्यभिचार करने वाली) स्त्री को पति एक घर में रोके और पुरुष के लिए पर-स्त्रीसम्भोग में प्रायश्चित्त है; वह प्रायश्चित्त इस (व्यभिचारिणी एवं रोकी गयी) स्त्री से कराये।
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