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मनुस्मृति • अध्याय 11 • श्लोक 156
मासिकान्नं तु योऽ श्रीयादसमावर्तको द्विजः । स त्रीण्यहान्युपवसेदेकाहं चोदके वसेत्‌ ।।
मासिक श्राद्धान्न को खानेवाला ब्रह्मचर्याश्रमस्थ द्विज तीन दिन उपवास करे तथा एक दिन पानी में रहे।
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