क्रव्यादसूकरोष्ट्राणां कुक्कुटानां च भक्षणे ।
नरकाकखराणां च तप्तकृच्छं विशोधनम् ।।
क्रव्याद (कच्चा मांस खानेवाले बाघ, सिंह, भेड़िया आदि), ग्राम्य सूकर, ऊंट, मुर्गा, मनुष्य, कौवा और गधा इनको खाकर द्विज पापनिवृत्ति के लिए तत्पकृच्छु व्रत (११।२१३) करे।
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