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मनुस्मृति • अध्याय 11 • श्लोक 142
अन्नाद्यजानां सत्त्वानां रसजानां च सर्वशः । फलपुष्पोद्भवानां च घृतप्राशो विशोधनम्‌ ।।
सब अन्न, (गुड आदि) रस, फल तथा फूलों में उत्पन्न होनेवाले जीवों को मारकर पापनिवृत्ति के लिए घी खाना चाहिए।
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