फलदानां तु वृक्षाणां छेदने जप्यमृक् शतम् ।
गुल्मवल्लीलतानां च पुष्पितानां च वीरुधाम् ।।
फल देने वाले (आम, जामुन आदि के) पेड़ गुल्म, (गुडूची आदि), (पेड़ की डालियो पर चढी हुई) लता और फूली हुई (कद्द-काशीफल आदि), बेल के काटने पर सावित्रयादि ऋक्शत का जप करे।
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