मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 11 • श्लोक 124
सङ्करापात्रकृत्यासु मासं शोधनमेन्दवः । मलिनीकरणीयेषु तप्तः स्याद्यावकैस्त्र्यहम्‌ ।।
(ज्ञानपूर्वक) सङ्करीकरण (११।६७) तथा अपात्रीकरण (११।६८) कमो में से किसी एक कर्म को करने वाला एक मास तक चान्द्रायण (११।२१५-२१९) ब्रत करे और अपात्रीकरण (११।६८) कर्मा में से किसी एक कर्म को करने वाला तीन दिन तक गर्म यवागू (लपसी) खावे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें