(ज्ञानपूर्वक) सङ्करीकरण (११।६७) तथा अपात्रीकरण (११।६८) कमो में से किसी एक कर्म को करने वाला एक मास तक चान्द्रायण (११।२१५-२१९) ब्रत करे और अपात्रीकरण (११।६८) कर्मा में से किसी एक कर्म को करने वाला तीन दिन तक गर्म यवागू (लपसी) खावे।
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