इस प्रकार (११।१०७-११३) व्रत को समाप्त कर दश गाय तथा एक बैल ब्राह्मण के लिए दान कर देवे तथा इतनी सम्पत्ति नहीं होने पर अपना सर्वस्व (सब धन) वेदज्ञाता ब्राह्मण के लिए दान कर दे।
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