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मनुस्मृति • अध्याय 10 • श्लोक 86
सर्वान्‌ रसानपोहेत कृतान्नं च तिलैः सह । अश्मनो लवणं चैव पशवो ये च मानुषाः ।।
सब रस, पक्वान्न, तिल, पत्थर, नमक, पशु और मनुष्य (दास-दासी आदि) को (आपत्तिकाल में भी ब्राह्मण क्षत्रिय) नहीं बेचे।
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