जीविका के अभाव से धर्म की निष्ठा को छोड़ते हुए ब्राह्मण तथा क्षत्रिय को (आगे कही जाने वाली) वस्तुओं को छोड़कर वैश्यो से बेची जाने वाली धनवर्द्धक शेष वस्तुओं को बेचना चाहिये।
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