कुछ लोग कृषि (खेती) उत्तम कर्म मानते हैं किन्तु वह जीविका सज्जनों से निन्दित है; क्योंकि लोहे के मुख (फार)वाला काष्ठ अर्थात् हल भूमि तथा भूमि में स्थित जीवों को मार डालता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।