मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 10 • श्लोक 62
ब्राह्मणार्थे गवार्थे वा देहत्यागोऽनुपस्कृटः । सन्रीबालाभ्यवपत्तौ च बाह्यानां सिद्धिकारणम्‌ ।।
ब्राह्मण, गौ, स्त्री, या बालक इनमें से किसी के लिए सद्भावना से बाह्य (वर्णसङ्कर) जाति वाले मनुष्य का प्राणत्याग करना सिद्धि (स्वर्गादि प्राप्ति) का कारण होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें