जिस राज्य में वर्णो को दूषित करनेवाले ये वर्णसङ्कर (दोगले) उत्पन्न होते हैं, वह राज्य प्रजाओं के सहित शीघ्र ही नष्ट हो जाता है, (अतएव राजा को इनकी उत्पत्ति रोकनी चाहिए)।
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