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मनुस्मृति • अध्याय 10 • श्लोक 36
कारावरो निषादात्तु चर्मकार प्रसूयते । वैदेहिकादन्ध्रमेदौ बहिग्रमिप्रतिश्रयौ ।।
“निषाद" (१०1८) जाति वाला (पुरुष 'वैदेह' (१०।१७) जाति वाली स्त्री में) 'कारावर' संज्ञक चर्मकार (चमार) जाति वाले पुत्र को उत्पन्न करता है ओर 'वैदेहक' (१०।१७) जाति वाला पुरुष (“निषाद" १०।८) तथा 'कारावर' (१०।३६) जाति वाली स्त्रियों में क्रमश: 'अन्ध्र' और 'मेद' संज्ञक जाति वाले पुत्रों को उत्पन्न करता है, ये दोनों ग्राम के बाहर निवास करते हैं।
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