"वैदेह" (१०।११ जाति वाला पुरुष 'आयोगव') (१०।१२) जाति वाली स्त्री में “मैत्रेयक" संज्ञक जाति वाले मधुरभाषी पुत्र को उत्पन्न करता है, जो प्रातःकाल घण्टा बजाकर राजा आदि बड़े लोगों की स्तुति करता हुआ जीविका करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।