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मनुस्मृति • अध्याय 10 • श्लोक 22
झल्लो मल्लश्च राजन्यादव्रात्याल्लिच्छिविरेव च । नटश्च करणश्नैव खसो द्रविड एव च।।
व्रात्य/ (१०।२०) संज्ञक क्षत्रिय से क्षत्रिया में उत्पन्न 'झल्ल, मल्ल' लिच्छिवि, नट, करण, खस और 'द्रविड' संज्ञक पुत्र उत्पन्न होते हैं । (ये सब संज्ञाएं भी देशभेद से एक ही पुत्र की हैं)।
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