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मनुस्मृति • अध्याय 10 • श्लोक 17
वैश्यान्मागधवैदेहौ क्षत्रियात्सूत एव तु। प्रतीपमेते जायन्ते परेऽप्यपसदास्त्रयः ।।
प्रतिलोम क्रम से वैश्य से (क्रमशः क्षत्रिय तथा ब्राह्मण की कन्याओ में उत्पन्न “मागध तथा वैदेह" और क्षत्रिय से (ब्राह्मण की कन्या में) उत्पन्न 'सूत' (१०।११) संज्ञक ये तीनों पुत्र भी (पुत्रकार्य की अपेक्षा) नीच माने गये हैं।
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