ब्राह्मणादुग्रकन्यायामावृतो नाम जायते ।
आभीरों5बष्ठकन्यायामायोगव्यां तु धिग्वणः ।।
ब्राह्मण से उग्र (१०।९) 'अम्बष्ठ' (१०।८) तथा 'आयोगव’ (१०।१२)। की कन्याओं में उत्पन्न पुत्र क्रमश: “आवृत, आभीर और घिग्वण' संज्ञक होते हैं।
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