(भृगुजी महर्षियों से कहते हैं कि मैंने) चारों वर्णो के लिए आपत्ति काल के इस (१०।८१-१२९) धर्म को कहा, इसका यथायोग्य पालन करते हुए वे (ब्राह्मणादि चारों वर्ण) श्रेष्ठ गति को प्राप्त करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।