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मनुस्मृति • अध्याय 10 • श्लोक 11
कषत्रियाद्रिप्रकन्यायां सूतो भवति जातितः । वैश्यान्मागधवैदेहौ राजविप्राङ्गनासुतौ ।।
क्षत्रिय से ब्राह्मण वर्ण की कन्या में उत्पन्न पुत्र “सूत” वैश्य से क्षत्रिय वर्ण की कन्या में उत्पन्न पुत्र "मागध" और ब्राह्मण वर्ण की कन्या में उत्पन्न पुत्र “वैदेह" संज्ञक होता है।
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